जॉब इंटरव्यू से मिली चूत

हेलो दोस्तों, मैं शरिक हूं. मेरी उम्र २१ साल है और मैं दिल्ली से हूं. फुटबॉल खेलने की वजह से मेरी बॉडी मस्त एथलीट है. मेरी हाइट ५ फुट १० इंच है और मैं ८ इंच के लंड का मालिक हूं. यह मेरी एक रियल चुदाई स्टोरी है जो जॉब इंटरव्यू से स्टार्ट हुई थी. इसे पढ़कर लडको का लंड पेंट फाड़ कर बाहर आ जाएगा और लड़कियां अपनी चूत में उंगली डाल लेंगी.

कुछ दिन पहले में एक बीपीओ की जॉब इंटरव्यू के लिए करोलबाग गया था, मैं वहां बैठ कर मेरा नंबर आने का वेट कर रहा था और कुछ देर बाद एक लड़की वहां एंटर हुई. गोरा बदन ३४ के बूब्स और ३६ की गांड और वह सीवी रजिस्टर करवाने के बाद मेरे पास आकर बैठ गई. उसकी बॉडी की खुशबू मुझ मे मानो नशा सा भर रही थी थोड़ी देर बाद उसने मुझसे बात करनी शुरु की मैं तो खुश हो गया.

उसने पूछा आप यहां इंटरव्यू के लिए है? तो मैंने हां में आंसर दिया. फिर इसी बारे में बातचीत चलती रही फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसे ना पूछा तो उसने मुस्कुराकर अपना नाम हिमांशी बताया. इंटरव्यू के लिए बहुत लोग थे इसलिए हमें बहुत इंतजार करना पड़ रहा था और यह मेरे लिए अच्छी बात थी क्योंकि मैं हिमांशी से और ज्यादा घुल मिल रहा था. मेरी बातों से वह इंप्रेस हो गई थी फिर मैंने उससे नंबर मांगा तो उसने मेरा नंबर मांगा और मुझे एक मैसेज किया. फिर हम इंटरव्यू देने गए और हम दोनों को जॉब मिल गई.

फिर क्या था, हम रात भर बात करते रहे और इस तरह हम अच्छे दोस्त बन गए पर उसे चोदने के लिए मुझे अभी बात करनी थी.

फिर एक दिन में हिमांशी को कॉफी पर ले गया और बिल्कुल डीसेंट बना रहा और हम ऐसे ही कभी कभी बाहर जाते रहे.. मेट्रो में भीड़ होता था तो मैं उसे कमर से पकड़ लेता था और जब ब्रेक लगती थी तो उसके बूब्स अपनी चेस्ट से लगा देता था.

फिर एक दिन हमारा मूवी का प्लान बना और हम मूवी देखने गए.

जब हम मूवी देखने गए तो वह एक गजब की ड्रेस पहन कर आई थी, जिसमें उसके क्लीवेज दिख रहे थे और उसे देख कर मेरा लंड लोहे की तरह टाइट हो गया और उसकी नजर सीधा मेरे लंड पर गई और जब मैंने उसे हग किया तो मेरा लंड सीधा उसकी चूत में चुभ गया.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  कविता ने अपने बॉस को खुश किया

मानो एक करंट से पूरी बॉडी में दौड़ गई हो. इस सब के बाद वह एक अजीब सी स्माइल के साथ मुझे देख रही थी.

मुझे समझ आ गया कि अब मेरा काम बनने वाला है.

फिर हम अंदर थियेटर में गए और थोड़ी देर में मूवी स्टार्ट हो गई. जब मूवी चल रही थी तो मैंने अपनी चाल चलनी शुरू कि मैंने अपना सर उसके कंधे पर रखा पहले तो उसने मेरी तरफ देखा फिर उसने भी अपना सर मेरे ऊपर रख लिया. थोड़ी देर बाद मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपनी फिगर मुव करने लगा, बेसीकली में उसे सिड्यूस करने की कोशिश कर रहा था. मेरा नोज उसके कान के पास था जिसमें मैं गरम सांसे पास कर रहा था. इससे मानो वह बेचैन सी हो रही थी. फिर मैंने उसकी आंखों में देखा और कहा हिमांशी आई लव यू.

बिना कुछ बोले मेरी आंखों में देख रही थी और फिर मैंने सीधा उसके लिप्स पर किस किया. वह पूरी गर्म हो चुकी थी और मेरा साथ दे रही थी. फिर मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखा और जेंटली प्रेस करने लगा. १० मिनट ऐसे ही बूब्स दबाने के बाद मैंने अपना हाथ ड्रेस के नीचे से अंदर डाला और ब्रा के ऊपर से दबाने लगा और अब हम ज्यादा एक्साइटेड हो कर स्मूच कर रहे थे. उसके बूब्स मानो और बड़े हो गए थे. फिर मैंने ब्रा नीचे करी और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

फिर धीरे धीरे ड्रेस उसके बूब्स के ऊपर कर दी और मैंने अपनी जीभ उसके बूब्स पर रख दी और फिर मैं उसके गोरे बड़े बड़े बूब्स चूस रहा था, और मेरा एक हाथ लेगीन के ऊपर से उसकी चूत के ऊपर जा पहुंचा था, लेगीन के ऊपर से ही मैं उसकी चूत सहला रहा था. फिर मैंने लेगीन के अंदर हाथ डालने की कोशिश की तो उसने मेरा हाथ रोक लिया.

फिर मैंने उसे किस किया उसका हाथ हटाया और फिर लेगींस के अंदर हाथ डाला. इस बार वह कुछ नहीं कर सकी और मैंने सीधा एक फिंगर उसकी चूत के अंदर डाल दीया वह उछल सी गई. मैं थोड़ी देर रुका और फिर उसकी चूत थोड़ी टाइट थी, फिर मैं उसकी चूत में फिंगर हिलाने लगा और उसके बूब्स चूसने लगा.

मैंने उसके जी स्पॉट को सिड्यूस किया और कुछ ही देर में उसकी चूत से नहर बहने लगी. इन सबके बाद वह बहुत थक गई थी लेकिन मैं नहीं थका था. मैंने अपना लंड पेंट से निकालकर उसके हाथ में रखा.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  Officer Ki Wife Ki Chut Chaati

फिर वह अपने हाथ से मेरी मुठ मारने लगी और हम स्मूच कर रहे थे. टॉप कोर्नर सीट का हम पूरी तरह फायदा उठा रहे थे. फिर मैंने उसे लंड चूसने को कहा तो उसने पहले मना किया फिर जोर डालने पर उसने कहा आज नहीं अगले टाइम पर, मैं नहीं मान रहा था तो उसने कहा चूत पर रगड़ लो लेकिन अंदर मत डालना.

यह कहानी आप yachting4u.ru में पढ़ रहें हैं।

मैं खुश हो गया वह मेरे ऊपर आ गई और मैं अपना लंड उसकी चूत पर रख कर घिस रहा था लेकिन एक बार लंड फिसल कर चूत के छेद पर चला गया. चूत टाइट होने की वजह से लंड ज्यादा अंदर तो नहीं गया लेकिन हिमांशी उछल गई. फिर उसने कुछ नहीं किया.

फिर हमने थोड़ी बहुत किस की और फिर मूवी देखने लगे, मूवी ऑलमोस्ट खत्म होने वाली थी.

फिर हम अपने अपने घर आ गए, रात जब बात हुई तो वह पूछने लगी कि तुझे क्या वहीं पर सेक्स करना था? तो मैंने कहा करना तो था लेकिन कर नहीं सकते थे. तो उसने कहा हां, नहीं कर सकते थे वहां. उसकी बातों से मुझे समझ आ गया कि जल्दी ही मुझे उसकी चूत मिलने वाली है.

और एक दिन वह दिन आ गया जब उसने कॉल करके मुझे अपने घर बुलाया उसके पेरेंट्स किसी रिलेटिव के यहां गए थे २ दिन के लिए. तो मैं उसके घर की तरफ चल दिया उसके घर पहुंचा तो वहां कोई नहीं था. फिर उसने मुझे दूध सर्व किया मानो मैं अपनी सुहागरात मनाने जा रहा था.

फिर मैंने वही किस करना शुरू किया और उसका टॉप निकाल दिया उसने कहा बेडरूम में चलते हैं. फिर हम बेडरूम में गए और वहां जाकर मैंने उसे सीधा बेड पर पटक दिया. उसने ब्रा तो पहनी थी तो उसके बूब्स मेरे सामने थे, में एक भूखे शेर की तरह उस पर टूट पड़ा. फिर मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और उसका लोवर भी उतार दिया, उसने अंदर कुछ नहीं पहना था तो पहली बार मुझे उसकी चूत के दर्शन हुए, चूत बिल्कुल क्लीन शेव थी मानो उसने आज ही शेव करी हो.

फिर हम 69 की पोजीशन में आएं और उसने मेरा लंड मुंह में ले लिया और मैं उसकी चूत चाटने लगा. मैं उसकी क्लिटरिस को जीभ से हिला रहा था और वह मेरे लंड का टोपा हिला रही थी, बहुत मजा आ रहा था. फिर वह थोड़ी देर में झड़ गई और मैंने उसकी चूत की रस पी लिया.

हिंदी सेक्स स्टोरी :  Receptionist ke Saath Sex

लेकिन मैंने नहीं जड़ा था और वह मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत फिर से चूस रहा था. मैंने एक फिंगर डाल कर उसके जी स्पॉट को गर्म किया और वह फिर से झड़ गई.

उसके बाद में उसके ऊपर आया और अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया उसकी आंखें बंद थी और जोर से सांसे भर रही थी. वह अपनी चूत नीचे से उठा रही थी और मेरा नाम बार बार ले रही थी.

फिर मैंने धीरे से लंड उसकी चूत में दबाया, थोड़ा सा लंड अंदर गया लेकिन वह मचल गई. उसने निकालने को कहा लेकिन उसके चेहरे से झलक रहा था कि उसे कितना दर्द हो रहा है. थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने फिर से जोर से झटका मारा, इस बार आधे से ज्यादा लंड अंदर था और वह जोर से चीखने लगी. कुछ गर्म सा अंदर से निकल रहा था मैंने देखा तो वह खून था. वह एक वर्जिन थी.

अब वह लंड बाहर निकालने को कह रही थी. फिर वैसे रुका रहा जैसे ही वह शांत हुई मैंने हलके हलके लंड अंदर बाहर करना चालू किया और फिर वह मेरा साथ देने लगी. वह मुझे पूरा सपोर्ट कर रही थी नीचे से धक्के देकर.

उसके मुंह से आवाज आ रही थी आह्ह ओह्ह हाहाह हूहू उःह्ह एस हहह ह हह्ह्ह ओह्ह हाहाह उम्म्म हां ओम्म्म और बीच बीच में मेरा नाम भी ले रही थी.

फिर आधे घंटे की चुदाई के बाद जिसमें वह दो बार झड़ चुकी थी, मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया. उसके बाद हम बहुत थक चुके थे. ऐसे ही लेटे रहे फिर मैं उठा और फ्रेश होने गया, तो पीछे से वह भी आ गई. मैंने उसे वहां पर दोबारा चोदा और फिर साथ में नहाया.

वह बहुत खुश थी. उसने कहा अब तुम्हें रोज मुझे ऐसे ही चोदना होगा, रोज तो नहीं लेकिन मैं उसे अभी ऐसे ही चोदता हूं.

Tags:Desi chut, Hindi porn stories, Office sex kahani, Sex kahani

आपने yachting4u.ru में अभी-अभी हॉट कहानी आनंद लिया लिया आनंद जारी रखने के लिए अगली कहानी पढ़े..
yachting4u.ru में कहानी पढ़ने के लिये आपका धन्यवाद, हमारी कोशिश है की हम आपको बेहतर कंटेंट देते रहे!